HSN कोड एक संख्या है जो किसी उत्पाद की पहचान करती है। पहले 2 अंक चैप्टर हैं, 4 अंक हेडिंग, 6 अंक अंतरराष्ट्रीय सब-हेडिंग और 8 अंक भारतीय टैरिफ़ आइटम। GST दर अधिसूचनाएं सामान को इन्हीं कोड से सूचीबद्ध करती हैं, इसलिए आपके इनवॉइस का कोड तय करता है कि आप कौन सी दर लगाएंगे। 21 अक्टूबर 2026 तक सामान की दरें Notification 9/2025-Central Tax (Rate) और उसके संशोधनों में हैं।
HSN कोड कैसे बनता है
HSN कोड एक क्रम (hierarchy) में चलते हैं। घी को लीजिए। चैप्टर 04 डेयरी उत्पाद, अंडे और शहद का है। हेडिंग 0405 मक्खन और दूध से बनी दूसरी वसा है। छह अंक की सब-हेडिंग इसे और सीमित करती है, और आठ अंक का भारतीय टैरिफ़ आइटम खुद घी की पहचान करता है। GST शेड्यूल ज़्यादातर सामान को 4 अंक के स्तर पर लिखते हैं, और 6 या 8 अंक सिर्फ़ वहां इस्तेमाल करते हैं जहां एक हेडिंग में एक से ज़्यादा दर हो।
| अंक | स्तर | उदाहरण |
|---|---|---|
| 2 | चैप्टर | 04: डेयरी उत्पाद |
| 4 | हेडिंग | 0405: मक्खन, घी और दूध की दूसरी वसा |
| 6 | सब-हेडिंग | अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तय |
| 8 | टैरिफ़ आइटम | भारत Customs Tariff में तय करता है |
Customs Tariff की व्याख्या के नियम, Section और Chapter Notes समेत, GST वर्गीकरण पर भी लागू होते हैं। दर अधिसूचनाएं अपने Explanation में यह साफ़ कहती हैं।
HSN कोड आपकी GST दर क्यों तय करता है
22 सितंबर 2025 से लागू GST 2.0 में केंद्र सरकार ने Notification 9/2025-Central Tax (Rate) में हर सूचीबद्ध कोड की CGST दर अधिसूचित की। Schedule I में 5% वाला सामान है, Schedule II में 18%, Schedule III में 40%, Schedule IV में 3% (सोना, चांदी, गहने), और दो छोटे शेड्यूल हीरे और कीमती पत्थरों के हैं। जो सामान कहीं और नाम से नहीं लिखा, वह 18% वाली अवशिष्ट (residual) एंट्री में आता है। Notification 10/2025-Central Tax (Rate) पूरी तरह छूट वाले सामान की सूची देती है, जैसे ताज़ा दूध, नमक, ब्रेड और कॉपी।
एक हेडिंग में एक से ज़्यादा दर हो सकती है। हेडिंग 1006 का चावल खुला बेचने पर शून्य और प्री-पैकेज्ड व लेबल वाला होने पर 5% है। Chapter 62 के कपड़े ₹2,500 प्रति पीस तक 5% और ऊपर 18% हैं। इसलिए सही कोड के साथ सही शर्त भी चाहिए। रोज़मर्रा के 120 आइटम के कोड और दरें हिंदी HSN पेजों पर हैं, जैसे घी और आटा।
किसी आइटम का सही HSN कोड कैसे ढूंढें
- शुरुआत इससे करें कि आइटम किस चीज़ से बना है और क्या काम करता है, ब्रांड के नाम से नहीं।
- चैप्टर ढूंढें (जैसे बिजली की मशीनरी के लिए 85, कपड़ों के लिए 61 या 62)।
- दर अधिसूचना में हेडिंग का विवरण पढ़कर वह चुनें जो फ़िट हो।
- देखें कि एंट्री में "pre-packaged and labelled" या प्रति पीस कीमत जैसी कोई शर्त तो नहीं।
- कोड एक बार अपने आइटम मास्टर में डालें, ताकि हर इनवॉइस उसी का इस्तेमाल करे।
अगर दो हेडिंग फ़िट लगें, तो व्याख्या के नियमों में आम तौर पर ज़्यादा खास विवरण जीतता है। जहां सच में शक बना रहे, वहां एडवांस रूलिंग या टैक्स सलाहकार सुरक्षित रास्ता है।
उदाहरण
एक किराना दुकान ब्रांडेड आटे का 5 किलो पैक ₹300 में और बोरी से तौलकर 2 किलो खुला आटा ₹80 में बेचती है। दोनों हेडिंग 1101 हैं। 5 किलो पैक प्री-पैकेज्ड और लेबल वाला है, इसलिए GST 5%: अगर ₹300 टैक्सेबल वैल्यू है, तो CGST ₹7.50 और SGST ₹7.50, कुल ₹315। खुला आटा Notification 10/2025-Central Tax (Rate) के तहत nil-rated है, इसलिए बिल पर बिना टैक्स के दिखता है। दोनों लाइनों पर HSN 1101 है; सिर्फ़ दर अलग है।
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FundRaksha Book में आप हर आइटम पर HSN कोड और दर एक बार सेट करते हैं, और हर GST इनवॉइस और उसका HSN सारांश उसी का इस्तेमाल करता है; GSTR-1 के लिए सेल्स रिपोर्ट एक्सपोर्ट करें। पहले 300 इनवॉइस मुफ़्त हैं। किसी नए ट्रेड खरीदार को बिल देने से पहले उसका GSTIN FundRaksha Trust पर जांचें। इनवॉइस पर कितने अंक लिखें, यह इनवॉइस पर HSN अंकों का नियम बताता है।
Sources
Last reviewed: 2026-10-21. Information for Indian businesses; not legal advice.