फ्री कैलकुलेटर

रिकवरी फ़ीस कैलकुलेटर: आप कितना देंगे और कितना पाएंगे

बकाया वसूली के लिए वकील या एजेंसी चुनने से पहले जानिए कि आखिर में आपके हाथ कितना आएगा। बकाया रकम और जितनी वसूली की उम्मीद है वह डालें, कैलकुलेटर 30% सक्सेस फ़ीस, आपको मिलने वाली रकम, और रिटेनर व हर सुनवाई की फ़ीस वाले मॉडल से तुलना दिखाता है।

Amount recovered
₹5,00,000
FundRaksha fee (30%)
₹1,50,000
You receive
₹3,50,000
Retainer model cost (your inputs)
₹80,000
Retainer model: you receive
₹4,20,000
If nothing is recovered
FundRaksha: ₹0 · Retainer model: ₹80,000

FundRaksha Legal: 30% of the amount actually recovered, invoiced after you receive it; court fees at actuals. The comparison column uses the retainer and hearing figures you enter and assumes they are payable whether or not money is recovered.

कैसे इस्तेमाल करें

  1. बकाया रकम (₹) डालें।
  2. कितने प्रतिशत वसूली की उम्मीद है, वह डालें।
  3. तुलना के लिए रिटेनर की रकम, सुनवाइयों की संख्या और हर सुनवाई की फ़ीस डालें।
  4. नतीजे में वसूल रकम, FundRaksha फ़ीस, आपको मिलने वाली रकम, रिटेनर मॉडल का खर्च और कुछ वसूल न होने पर दोनों मॉडल का खर्च दिखेगा।

नियम आसान भाषा में

FundRaksha Legal वसूल हुई रकम का 30% लेता है: एडवांस कुछ नहीं, कोई रिटेनर नहीं, हर सुनवाई की फ़ीस नहीं, और कुछ वसूल न हो तो कुछ नहीं। फ़ीस का इनवॉइस आपको पैसा मिलने के बाद बनता है। अगर कोई केस दर्ज होता है, तो कोर्ट फ़ीस और कानूनी शुल्क असल खर्च पर होते हैं और दर्ज करने से पहले बता दिए जाते हैं। 60% मामले कुछ भी दर्ज होने से पहले ही सुलझ जाते हैं।

सक्सेस फ़ीस एजेंसी को आपके साथ खड़ा करती है: हमें तभी पैसा मिलता है जब आपको मिलता है। रिटेनर और हर सुनवाई की फ़ीस पैसा आए या न आए, देनी पड़ती है, और ये जल्दी समझौते को हतोत्साहित करती हैं।

ब्याज और खर्च नोटिस और केस में खरीदार से मांगे जाते हैं; Council और कोर्ट अपने विवेक से खर्च दिलाते हैं। हमारी फ़ीस फिर भी असल में वसूल हुई रकम का प्रतिशत ही रहती है। फ़ीस पर GST मौजूदा दर से लगता है और हमारे इनवॉइस पर दिखता है; बिज़नेस इसका इनपुट क्रेडिट ले सकते हैं।

कैलकुलेटर में रिटेनर मॉडल का खर्च आपके डाले आंकड़ों से बनता है: रिटेनर की रकम + सुनवाइयों की संख्या × हर सुनवाई की फ़ीस। यह खर्च वसूली हो या न हो, देना पड़ता है, जबकि सक्सेस फ़ीस में वसूली शून्य होने पर खर्च भी शून्य है। अगर खरीदार नोटिस के बाद सीधे आपको भुगतान कर दे, जो सबसे आम नतीजा है, तो 30% फ़ीस उसी रकम पर लगती है जो वसूली प्रक्रिया की वजह से मिली। शुरुआत फ्री कंसल्टेशन से करें, जहां आपके दस्तावेज़ देखकर बताया जाता है कि कितनी वसूली यथार्थवादी है।

उदाहरण

₹5,00,000 पूरी तरह वसूल होने पर फ़ीस ₹1,50,000 (30%) होती है और आपको ₹3,50,000 मिलते हैं। अगर कुछ भी वसूल नहीं होता, तो FundRaksha को ₹0 देना है, जबकि रिटेनर मॉडल में रिटेनर और सुनवाइयों की फ़ीस फिर भी देनी पड़ती।

English में पढ़ें: Recovery fee calculator: what you pay and what you receive

FAQ

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

हां, सक्सेस फ़ीस पर मौजूदा दर से GST लगता है और हमारे इनवॉइस पर दिखता है; बिज़नेस इनपुट क्रेडिट ले सकते हैं।

यह जानकारी सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। बड़े लेन-देन से पहले ताज़ा नोटिफिकेशन ज़रूर देखें।