कैसे इस्तेमाल करें
- अवधि के अंत में ग्राहकों पर कुल बकाया (accounts receivable) डालें।
- उस अवधि की क्रेडिट सेल डालें (नकद बिक्री नहीं)।
- अवधि के दिन डालें, जैसे महीने के लिए 30 या तिमाही के लिए 90।
- टारगेट DSO डालें; नतीजे में आपका DSO, रोज़ की क्रेडिट सेल और टारगेट पर पहुंचने से खाली होने वाली नकदी दिखेगी।
नियम आसान भाषा में
फ़ॉर्मूला है: DSO = (बकाया ÷ क्रेडिट सेल) × अवधि के दिन। अगर तिमाही की ₹2 करोड़ क्रेडिट सेल पर ₹60 लाख बकाया है, तो DSO 27 दिन है। ₹2 करोड़ प्रति तिमाही पर DSO का हर एक दिन लगभग ₹2.2 लाख की वर्किंग कैपिटल के बराबर है।
DSO की तुलना अपनी क्रेडिट शर्तों से करें। अगर आप 30 दिन का उधार देते हैं और DSO 75 है, तो आपका आधा बकाया ओवरड्यू है, यानी समस्या बिक्री में नहीं, वसूली में है। इसे हर महीने और हर ग्राहक के हिसाब से देखें; जो ग्राहक DSO बढ़ा रहे हैं, उन्हें एडवांस, मैंडेट या कानूनी कार्रवाई की तरफ़ ले जाएं। याद रखें, MSME सप्लायर कानूनन 45 दिन के अंदर भुगतान के हकदार हैं।
DSO घटाने के तरीके: बिक्री के समय ही UPI Autopay या NACH मैंडेट लगवाएं; WhatsApp, SMS और ईमेल पर तय समय पर ऑटोमैटिक रिमाइंडर भेजें; उधार देने से पहले खरीदार की जांच करें; और 60 दिन से पुराने खाते वकील को सौंपें। FundRaksha फ्री कंसल्टेशन के बाद 24 घंटे में नोटिस भेजता है।
हमेशा क्रेडिट सेल लें, कुल बिक्री नहीं, क्योंकि नकद बिक्री से बकाया नहीं बनता और कुल बिक्री लेने पर DSO कम दिखेगा। अवधि महीना हो या तिमाही, हर बार एक जैसी रखें; सीज़नल बिज़नेस साल-दर-साल एक ही अवधि की तुलना करें।
उदाहरण
एक डिस्ट्रीब्यूटर की तिमाही (90 दिन) की क्रेडिट सेल ₹2,00,00,000 है और तिमाही के अंत में बकाया ₹60,00,000। DSO = 60 लाख ÷ 2 करोड़ × 90 = 27 दिन। रोज़ की क्रेडिट सेल करीब ₹2.2 लाख है, इसलिए DSO एक दिन घटाने से लगभग ₹2.2 लाख नकदी खाली होती है।