कैसे इस्तेमाल करें
- महीने या साल का बेसिक + DA डालें।
- मिलने वाला HRA और दिया गया किराया डालें।
- चुनें कि आप आठ मेट्रो शहरों में से किसी में रहते हैं या नहीं (शहर वही जहां आप रहते हैं, नियोक्ता का नहीं)।
- नतीजे में तीनों सीमाएं, छूट वाला HRA और टैक्सेबल HRA दिखेगा।
नियम आसान भाषा में
पुरानी व्यवस्था में छूट वाला HRA इन तीन में से सबसे कम है: (1) असल में मिला HRA, (2) दिया गया किराया − वेतन का 10%, और (3) मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद में वेतन का 50%, बाकी जगह 40%। यहां "वेतन" का मतलब बेसिक + DA (जहां रिटायरमेंट लाभ में गिना जाता है), और टर्नओवर के तय प्रतिशत वाला कमीशन। HRA या दूसरे अलाउंस इसमें नहीं आते।
Income-tax Rules, 2026, जो Income-tax Act, 2025 के साथ 1 अप्रैल 2026 से लागू हुए, ने 50% दर चार पुराने मेट्रो से बढ़ाकर बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद तक कर दी। FY 2025-26 और पहले इन चार शहरों में 40% था। हर सीमा उस अवधि के लिए गिनी जाती है जब HRA मिला और किराया दिया, आम तौर पर साल। अगर किराया वेतन के 10% से कम है, तो दूसरी सीमा शून्य है और कुछ भी छूट में नहीं।
नई व्यवस्था (जो डिफ़ॉल्ट है) में HRA पूरा टैक्सेबल है। नई व्यवस्था के ₹12 लाख रिबेट और चौड़े स्लैब के कारण कई लोग HRA छोड़कर भी कम टैक्स देते हैं, इसलिए सैलरी कैलकुलेटर से तुलना करें। सालाना किराया ₹1 लाख से ज़्यादा हो तो मकान मालिक का PAN चाहिए; नए नियम मकान मालिक की डिटेल और आपसे रिश्ता भी पूछते हैं। किराए की रसीदें और एग्रीमेंट रखें।
माता-पिता को दिया किराया तब चल सकता है जब मकान उनका हो और वे किराया आय में दिखाएं; पत्नी या पति को दिया किराया अक्सर सवालों में आता है। खुद के घर में रहने या किराया न देने पर कोई छूट नहीं। FundRaksha HR में कर्मचारी रसीदें अपलोड करके व्यवस्था चुन सकते हैं और अगले रन में TDS बदल जाता है।
उदाहरण
नेहा पुणे में रहती है। बेसिक + DA ₹40,000 महीना (₹4,80,000 साल), HRA ₹20,000 महीना (₹2,40,000), किराया ₹18,000 महीना (₹2,16,000)। (1) असल HRA ₹2,40,000; (2) किराया − 10% वेतन = ₹2,16,000 − ₹48,000 = ₹1,68,000; (3) टैक्स ईयर 2026-27 में 50% = ₹2,40,000 (FY 2025-26 में 40% = ₹1,92,000)। छूट ₹1,68,000, टैक्सेबल ₹72,000, दोनों साल एक जैसा। अगर किराया ₹25,000 महीना होता, तो दूसरी सीमा ₹2,52,000 बनती और छूट ₹1,92,000 (40%) से बढ़कर ₹2,40,000 (50%) हो जाती।
Sources
English में पढ़ें: HRA calculator: house rent allowance exemption