कैसे इस्तेमाल करें
- आखिरी मासिक बेसिक + DA डालें; वैकल्पिक रूप से कुल मासिक वेतन (50% वेज नियम के लिए)।
- पूरे किए गए साल और अतिरिक्त महीने डालें; छह महीने से ज़्यादा पर पूरा साल गिना जाता है।
- नौकरी छोड़ने का कारण चुनें: इस्तीफ़ा, रिटायरमेंट, मृत्यु या दिव्यांगता, फ़िक्स्ड-टर्म कॉन्ट्रैक्ट आदि।
- ज़रूरत हो तो असल में दी गई ग्रेच्युटी डालें और बताएं कि नियोक्ता ग्रेच्युटी कानून में कवर है (10 या ज़्यादा कर्मचारी) या नहीं।
नियम आसान भाषा में
ग्रेच्युटी = 15 ÷ 26 × आखिरी मासिक वेतन (बेसिक + DA) × सेवा के साल, जहां छह महीने से ज़्यादा का अधूरा साल पूरा साल गिना जाता है। 26 से भाग इसलिए क्योंकि महीने को 26 कार्य दिवस माना जाता है। Payment of Gratuity Act, 1972 अब Code on Social Security, 2020 के Chapter V में है (21 नवंबर 2025 से); फ़ॉर्मूला नहीं बदला।
यह पांच साल की लगातार सेवा के बाद देय है; मृत्यु या दिव्यांगता पर कोई न्यूनतम सेवा नहीं, और फ़िक्स्ड-टर्म कर्मचारी एक साल के बाद अनुपातिक रूप से पात्र हैं (11 महीने का कॉन्ट्रैक्ट पात्र नहीं)। वर्किंग जर्नलिस्ट के लिए तीन साल। दो बदलाव हुए: वेतन अब Code की परिभाषा से चलता है, यानी 50% से ज़्यादा बाहर वाले अलाउंस वापस जुड़ते हैं, और फ़िक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को एक साल बाद ग्रेच्युटी मिलती है।
सीमा ₹20 लाख है, जो निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए जीवन भर की टैक्स-फ़्री सीमा भी है। कवर नियोक्ता के लिए छूट वाला हिस्सा असल ग्रेच्युटी, फ़ॉर्मूला और ₹20 लाख में से सबसे कम है; बाकी उस साल वेतन के रूप में टैक्स होता है। जो नियोक्ता कानून में कवर नहीं (10 से कम कर्मचारी), वहां ग्रेच्युटी कॉन्ट्रैक्ट पर निर्भर है और टैक्स छूट 15/30 × पिछले 10 महीने का औसत वेतन × पूरे साल है, बिना राउंडिंग।
ग्रेच्युटी देय होने के 30 दिन में देनी होती है (Code की धारा 56(3)), वरना साधारण ब्याज लगता है। ज़ब्ती सिर्फ़ नुकसान पहुंचाने वाले दुराचार (नुकसान की हद तक), दंगाई या हिंसक आचरण, या नैतिक अधमता वाले अपराध पर। कई नियोक्ता हर महीने बेसिक का 4.81% अलग रखते हैं; FundRaksha HR सेवा की तारीखें और आखिरी वेतन ट्रैक करता है।
उदाहरण
अर्जुन 7 साल 7 महीने बाद इस्तीफ़ा देता है, आखिरी बेसिक + DA ₹50,000 महीना। पांच साल से ज़्यादा सेवा है, इसलिए पात्र। 7 महीने छह से ज़्यादा हैं, तो 8 साल गिने जाएंगे। ग्रेच्युटी = 15 ÷ 26 × ₹50,000 × 8 = ₹2,30,769, पूरी टैक्स-फ़्री। 7 साल 5 महीने पर छोड़ता तो सिर्फ़ 7 साल: ₹2,01,923। अगर उसका ₹50,000 बेसिक ₹1,20,000 के कुल पैकेज का हिस्सा होता, तो 50% नियम से ग्रेच्युटी वेतन ₹60,000 और ग्रेच्युटी ₹2,76,923 होती।
Sources
English में पढ़ें: Gratuity calculator: formula, eligibility and tax exemption